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पुरानी जानकारी · जाँच: 12 अक्टू॰ 2026, 11:05 am IST

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दिनांकित मेट्रो अपडेट10.10.2026

DMRC ने गेट दोबारा खुलने की घोषणा की

ET Now के अनुसार, DMRC ने 10 अक्टूबर की रात दिल्ली मेट्रो के सभी प्रवेश/निकास गेट दोबारा खुलने और प्रभावित स्टेशनों पर इंटरचेंज उपलब्ध होने की घोषणा की।

यह दिनांकित घोषणा है, स्टेशनों की लाइव स्थिति नहीं। यात्रा से पहले नया DMRC अपडेट देखें। यह Indian Railways या Namo Bharat पर लागू नहीं है।

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  • NALSA मुफ़्त कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100
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मेडिकल

  • एम्बुलेंस (गर्भवती/बच्चे) 102
  • AIIMS ज़हर नियंत्रण (24×7) 1800-116-117
  • रक्त: eRaktKosh पोर्टल eraktkosh.mohfw.gov.in , नज़दीकी ब्लड बैंक और स्टॉक।

विशेष हेल्पलाइन

  • महिला संकट सहायता 1091
  • महिला हेल्पलाइन (राष्ट्रीय) 181
  • बच्चे (चाइल्डलाइन) 1098
  • वरिष्ठ नागरिक (एल्डर लाइन) 14567
  • मानसिक स्वास्थ्य (टेली-मानस, 24×7) 14416

दिल्ली मेट्रो

ET Now के अनुसार, DMRC ने 10 अक्टूबर की रात दिल्ली मेट्रो के सभी प्रवेश/निकास गेट दोबारा खुलने और प्रभावित स्टेशनों पर इंटरचेंज उपलब्ध होने की घोषणा की।

यह दिनांकित घोषणा है, स्टेशनों की लाइव स्थिति नहीं। यात्रा से पहले नया DMRC अपडेट देखें। यह Indian Railways या Namo Bharat पर लागू नहीं है।

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आपके अधिकार

सामग्री आख़िरी बार जांची गई: 24 जुलाई 2026

गिरफ़्तारी के दौरान अपने अधिकार जानें

  • गिरफ़्तारी के दौरान अनावश्यक शारीरिक बंधन निषिद्ध है (BNSS §46)।
    कानूनी शर्तें

    भागने से रोकने के लिए जितना ज़रूरी हो, बंधन उतना ही सीमित होना चाहिए। कोई व्यक्ति बलपूर्वक गिरफ़्तारी का विरोध करे या उससे बचने की कोशिश करे तो पुलिस गिरफ़्तारी के लिए आवश्यक साधन इस्तेमाल कर सकती है (BNSS §43(2))।

  • महिला की व्यक्तिगत तलाशी दूसरी महिला द्वारा, शालीनता का पूरा ध्यान रखते हुए होनी चाहिए (BNSS §49(2))।
    कानूनी शर्तें

    गिरफ़्तारी के दौरान पुरुष पुलिस अधिकारी आम तौर पर महिला को नहीं छू सकता, जब तक परिस्थितियों में इसकी आवश्यकता न हो (BNSS §43(1))। इससे पुरुष अधिकारी द्वारा कानूनसम्मत गिरफ़्तारी पर रोक नहीं लगती।

  • सूर्यास्त से सूर्योदय के बीच महिलाओं को सामान्यतः गिरफ़्तार नहीं किया जा सकता (BNSS §43(5))।
    कानूनी शर्तें

    असाधारण परिस्थितियों में महिला पुलिस अधिकारी को लिखित रिपोर्ट देकर संबंधित प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति लेनी होगी। इसका मतलब सूर्यास्त पर स्वतः रिहाई नहीं है और यह शाम का कोई तय समय नहीं है।

यह सामान्य कानूनी जानकारी है। अपनी परिस्थिति पर सलाह के लिए योग्य स्थानीय वकील से बात करें।

आधिकारिक स्रोत
शांतिपूर्ण प्रदर्शन मौलिक अधिकार है

संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a)–(b) बिना हथियार शांतिपूर्ण सभा की रक्षा करता है। राज्य उचित प्रतिबंध लगा सकता है (जैसे BNSS धारा 163 , पुरानी “धारा 144”), पर शांतिपूर्ण असहमति पर ही रोक नहीं लगा सकता।

गिरफ़्तारी का कारण बताना ज़रूरी है

पुलिस को गिरफ़्तारी के पूरे आधार बताने होंगे (BNSS §47, अनुच्छेद 22)। साफ़ पूछिए: “अपराध क्या है? कौन सी धारा?” अरेस्ट मेमो बनाना ज़रूरी है , गवाह और आपके हस्ताक्षर, तारीख़ और समय के साथ।

परिजन को सूचना + वकील का अधिकार

पुलिस को आपकी बताई किसी रिश्तेदार/मित्र को गिरफ़्तारी और जगह की सूचना देनी होगी (BNSS §48)। पूछताछ के दौरान अपनी पसंद के वकील से मिल सकते हैं (BNSS §38)। वकील का खर्च न उठा सकें तो मुफ़्त कानूनी सहायता आपका अधिकार है (अनुच्छेद 39A , 15100 पर कॉल करें)।

24 घंटे का नियम

गिरफ़्तारी के 24 घंटे के भीतर (यात्रा समय छोड़कर) मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य है (BNSS §58, अनुच्छेद 22)। इसके बिना आगे हिरासत गैरकानूनी है।

महिलाओं की चिकित्सकीय जाँच

मेडिकल जांच महिला डॉक्टर द्वारा/की निगरानी में ही।

BNSS धारा 163 (“धारा 144”) आदेश

यह किसी क्षेत्र में सीमित समय के लिए (आम तौर पर) 4+ लोगों के जमावड़े पर रोक लगाता है। वैध आदेश का उल्लंघन अपराध है , इकट्ठा होने से पहले जांचें कि आपके इलाक़े में आदेश लागू है या नहीं। भीड़ हटाने से पहले साफ़ चेतावनी ज़रूरी है।

छोटे अपराधों में गिरफ़्तारी की जगह नोटिस

7 साल से कम सज़ा वाले अपराधों में पुलिस को सामान्यतः गिरफ़्तारी की जगह पेश होने का नोटिस देना चाहिए (BNSS §35(3)), जब तक गिरफ़्तारी का लिखित कारण न हो। नोटिस मिले तो , पालन करें, असहमति वाली चीज़ पर हस्ताक्षर न करें, उसकी फ़ोटो लें।

पुलिस क्या कर सकती है / क्या नहीं

  • नाम-पता पूछ सकती है; कुछ स्थितियों में मना करने पर रोक सकती है
  • चेतावनी के बाद, न्यूनतम बल से गैरकानूनी जमावड़ा हटा सकती है
  • संज्ञेय अपराध में बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
  • गिरफ़्तारी पर तलाशी ले सकती है (महिला की तलाशी महिला ही)
  • अपराध के सबूत वाली चीज़ें ज़ब्त कर सकती है
  • गिरफ़्तारी का कारण बताने से इनकार नहीं कर सकती
  • परिवार को सूचना और वकील से मिलने से नहीं रोक सकती
  • मजिस्ट्रेट के बिना 24 घंटे से ज़्यादा हिरासत में नहीं रख सकती
  • हिरासत में मारपीट/यातना , कभी नहीं (यह अपराध है)
  • मजिस्ट्रेट की अनुमति बिना रात में महिला को गिरफ़्तार नहीं कर सकती
  • कानूनी प्रक्रिया के बिना फ़ोन ज़ब्त नहीं कर सकती, न मौक़े पर अनलॉक करने को मजबूर कर सकती है

अगर आपको हिरासत में लिया जाए

शांत रहें। शारीरिक विरोध न करें। ये पंक्तियाँ बोलें:

  1. “अपराध क्या है, कौन सी धारा? आधार जानना मेरा अधिकार है।” (BNSS §47)
  2. “कृपया मेरे परिवार/मित्र को सूचित करें , यह नंबर है।” (BNSS §48)
  3. “मुझे वकील से बात करनी है। तब तक मैं सवालों के जवाब नहीं दूँगा/दूँगी।” (BNSS §38)
  4. “मैं अपने फ़ोन की तलाशी की सहमति नहीं देता/देती।”
  5. “मुझे अरेस्ट मेमो और मेडिकल जांच चाहिए।”

निकलने से पहले अपनी बांह पर लिखें:

शिकायत कैसे दर्ज करें

सामग्री आख़िरी बार जांची गई: 24 जुलाई 2026

1. FIR / ज़ीरो FIR

किसी भी संज्ञेय अपराध की FIR कोई भी थाना दर्ज करेगा , क्षेत्राधिकार से बाहर भी (“ज़ीरो FIR”, BNSS §173)। कई राज्यों में ई-फाइलिंग भी है। दर्ज करने से इनकार खुद दंडनीय है; लिखित में SP को भेजें (BNSS §173(4))।

2. पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायत

SP / DCP / कमिश्नर और राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण को लिखें। शामिल करें: तारीख़, समय, जगह, अधिकारी का नाम/ID, गवाह, चोटें, और पूरी घटना। मोहर लगी प्रति अपने पास रखें।

3. मानवाधिकार आयोग

NHRC में ऑनलाइन hrcnet.nic.in पर (या डाक से: NHRC, मानव अधिकार भवन, INA, नई दिल्ली 110023), या अपने राज्य मानवाधिकार आयोग में। मुफ़्त, वकील ज़रूरी नहीं।

4. मजिस्ट्रेट

पुलिस कार्रवाई न करे तो मजिस्ट्रेट आपकी शिकायत पर जांच का आदेश दे सकते हैं (BNSS §175(3))। गैरकानूनी हिरासत में वकील हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण (habeas corpus) दायर कर सकता है , मुफ़्त मदद के लिए DLSA से संपर्क करें।

कॉपी-पेस्ट टेम्पलेट (खाली जगह भरें):

सेवा में: पुलिस अधीक्षक / आयुक्त, ____
विषय: [तारीख़] को पुलिस दुर्व्यवहार की शिकायत

मैं, [नाम], निवासी [पता], कहता/कहती हूँ कि [तारीख़] को लगभग [समय] बजे [जगह] पर अधिकारी [नाम/ID अगर पता हो, अन्यथा विवरण] ने [क्या हुआ: बिना आधार हिरासत / बल प्रयोग / FIR दर्ज करने से इनकार / फ़ोन ज़ब्ती]।

गवाह: [नाम/संपर्क]। चोटें/सबूत: [मेडिकल रिकॉर्ड, फ़ोटो, वीडियो]।

मैं FIR दर्ज करने, प्राप्ति मोहर के साथ इस शिकायत की प्रति, और कानूनन कार्रवाई की माँग करता/करती हूँ।

तारीख़: ____  हस्ताक्षर: ____  संपर्क: ____

सत्यापित मदद

इंसान द्वारा जाँचे गए स्वयंसेवक। उपलब्धता बदल सकती है।

अभी कोई सत्यापित सहायक सूचीबद्ध नहीं। जल्द देखें , या नीचे आवेदन करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

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वकील, डॉक्टर, मेडिक और संस्थाएँ: सूची में आने के लिए पंजीकरण करें। सार्वजनिक दिखने से पहले हर आवेदन की मानवीय समीक्षा होती है।

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